शनिवार, 5 जून 2010

तेरी याद आई

आज हर बात पर एक बात तेरी याद आई वो तनहा सी मुलाकात तेरी याद आई जो निकली आँखों से तेरी और पंहुची दिल तक मेरे, भरी वो अश्कों से सौगात तेरी याद आई तेरी नज़र का मेरे साथ दूर तक चलना और जब छूटा था वो साथ तेरी याद आई चाहे फलक पे सितारों ने तेरा नाम लिखा या के गहराती रही रात तेरी याद आई। जो लड़ी तुने खुद से जंग-- मुहब्बत हर पल उसमे जब हुई मेरी मात तेरी याद आई पढ़ ज़रा गौर से ताबीर मेरी कबर-- दिल की लिखा है छूटी कायनात तेरी याद आई

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