दुआ माँगते है....
आजकल वो मेरी ख़ुशी की दुआ मांगते हैं।
जो मेरे दर्द को बाक़ायदा पहचानते हैं।
पहले तो बड़े प्यार से मेरी जाँ ले ली,
अब ख़ुदा से मेरी ख़ातिर साँसे मांगते है.
उनकी चाहत का इशारा भी ज़रा देखिये तो
खुद मेरी प्यास है और मुझसे घटा मांगते है।
हमारी नींद और ख़यालो को यूँ करके ज़बह,
करे सवाल की हम रात भर क्यूँ जागते हैं.
ख़ुदा बचाए मुझे ऐसे भले आशिकों से,
जो इश्क करते हैं फिर खुद ही दगा मांगते है।
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