आजकल वो मेरी ख़ुशी की दुआ मांगते है ।
जो मेरे दर्द को बाकायदा पहचानते हैं।
पहले तो बड़े प्यार से मेरी जाँ लेली ।
अब खुदा से मेरी खातिर साँसे मांगते हैं !
उनकी चाहत का इशारा भी ज़रा देखिये तो,
खुद मेरी प्यास है और मुझसे घटा मांगते हैं।
हमारी नींदों और ख्वाबो को जबह करके,
किये सवाल के हम रात भर क्यों जागते है ।
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